130 likes | 154 Views
Fatigue or tiredness: types, causes, symptoms & precautions
E N D
थकानयाकमजोरी Fatigue or tiredness कोई भी व्यक्ति अगरलंबे समय तक कायय करता है तो उसके काम करने की क्षमता कम होती जाती है। इस कम हुई क्षमता को ही थकान (fatigue) कहा जाता है। क्तकसी काम को लगातार करने से काम की स्पीड का कम होना ही थकान है।
अगर आपको थकान है तो आपको महसूस हो जाएगी, मगरथकान के कारण हुईकमजोरीका पता लगाना मुक्तककल है। पयााप्त आराम करने पर थकान में तो राहत क्तमल जाती है मगर कमजोरीसे इतनी जल्दी छुटकारा नहीं क्तमलता है। थकान व कमजोरी के अलावा आज हर दूसरा व्यक्ति सुस्ती से भी परेशान है। अक्तनयक्तमत क्तदनचयाा, काम का बोझ और नींद पूरी न होने से लोगों को सुस्ती होने लगती है। थकान की अगर वैज्ञाक्तनक पररभाषा (definition) की बात करे तो वो डॉ. क्तगल्ैथ (Dr. Gilbreth) द्वारा दी गई है। क्तगल्ैथ के अनुसार मुख्य रूप से थकान को नीचे क्तदए गए तीन मुख्यतथ्यों (facts) के आधार पर पररभाक्तषत (define) क्तकया जा सकता है। 1. काम करने की क्षमता में कमी होना 2. काम करने में खुशी का अहसास ना होना 3. काया रक्तहत घंटों (non working hours) में प्रसन्नता का अभाव
1. थकानके प्रकार Types of fatigue थकान को अलग-अलग व्यक्ति द्वारा अलग-अलग तरीके से महसूस क्तकयाजाता है। लेककन थकान मुख्य रूप से दो ही प्रकार की होती है: 1. शारीररक थकान (Physical fatigue) मनुष्य जब शारीररक मेहनत करता है तो एक क्तस्थक्तत ऐसी आती है क्तकशरीर की मांसपेक्तशयों में क्तखंचाव होने लगता है और शरीर ढीला हो जाता है, इसेशारीररकथकानकहते हैं। इस थकान को आराम कर के खत्म क्तकया जा सकता है। इसमें हाटा बीट्स (heart beats) तथा ब्लड प्रेशर (blood pressure) बढ़ जातेहैं। थकान के कारण शरीर में जो भी बदलाव होते है वे सभी शरीर की रासायक्तनक प्रक्ततक्तियाओं (chemical reactions) पर आधाररत होते हैं।
2. मानकसक थकान (Mental fatigue) कोई भी व्यक्ति यक्तद लंबे समय तक कोई मानक्तसक काया (ऑक्तिस मेंकाम, लैपटॉप, कंप्यूटर पे काम, काउंटर पे ग्राहकों से बात करना) करता है तो धीरे-धीरे उसके मक्तस्तष्क के काया करने की क्षमता घटती जाती है, क्तजसे मानक्तसक थकान कहा जाता है। ऐसे कामों को लगातार काम करते रहने से मानक्तसक शक्तियों का नुकसान होने लगता है, काया क्षमता में कमी आने लगती है और अंत में काम के प्रक्तत इच्छा (interest) ख़त्म हो जाती है। इसी अवस्था को मानक्तसक थकान कहा जाता है। अगर क्तकसी काम को समय पर समाप्त करने की बहुत अक्तधक इच्छाशक्ति(willpower) और हाई मोक्तटवेशन (high motivation) होता है तो कई बार मेंटल िटीग (mental fatigue) का अहसास नहीं होता है।
3. लक्षण जो बताते हैं कक थकान हो सकती है Signs and symptoms of fatigue थकान के मुख्य लक्षण होते हैं क्तजन्हे देख कर आप पता लगा सकते हैं क्तक आपको थकान है या नहीं। मुख्य लक्षण नीचे बताए गए हैं :- 1. शरीर में ऊजाा की कमी होना। 2. शरीर में आलस्य महसूस होना। 3. क्तकसी भी काम को करने में उत्साह की कमी होना। 4. नींद नहीं आना । 5. क्तकसी भी काम पर ध्यान केंक्तित करने की क्षमता कम होना।
6. क्तनणाय लेने में कक्तिनाई महसूस होना। 7. रोजमराा के काम करने में क्तदक्कत महसूस होना। 8. किप्रेशन (Depression) महसूस करना। 9. सोचने की क्षमता कम हो जाना। 10. सुस्ती महसूस होना। 11. क्तसरददा होना। 12. चक्कर आना। 13. मांसपेक्तशयों में ददा होना।
थकानके सामान्य कारण Common causes of fatigue वैसे तो थकान होने का सब से साधारण सा कारण है क्तबना आराम क्तकये लंबे समय तक क्तकसी काम को करते रहना। लेककन इसके अलावा कुछ और भी कारण होते हैं :- 1. व्यकिगत कारण (Personal reasons) नींद की कमी प्रेरणा का अभाव 2. मुद्रा (Postural issues) काया करते समय कमाचारी का सही मुिा (posture) में न होने से भी थकान और साथ-साथ दुघाटनाओं की संभावना हो सकती है। उद्योगों में कई मशीने या उनके आपरेशन इस तरह होते हैं क्तक उनपर काम करने वाले ऑपरेटर (operator) या हैल्पर (helper) को या तो खड़े खड़े या बैिे बैिे ही काम करना पड़ता है। इस कारण लंबे समय तक एक ही मुिा में काम करने से सभी अंगों में ब्लड सकुालेशन नहीं हो पाता और थकान होने लगती है।
3. शोर भरा वातावरण (Chaotic working environment) अगर िैक्टरी में शोर भरा माहौल हो तो वहां पर काम करने वाले लोगों के क्तलए काम पर ध्यान केंक्तित करना मुक्तककल हो जाता है। सामान्य से काम को करने में भी अक्ततररि शारीररक ऊजाा और अक्ततररि ध्यान लगाना पड़ता है। इससे जल्दी ही थकान हो जाती है और काया क्षमता प्रभाक्तवत होतीहै। 4. क्लाइमेट में पररवतयन (Climate changes) ररसचा में ये बात साक्तबत हुई है क्तक सामान्य 25क्तडग्री सेक्तल्शयस के तापमान में कमाचाररयों की क्षमता सवााक्तधक होती है। उसके अलावा अगर वातावरण का तापमान बेहद िंडा अथवा बेहद गमा है काया को करने में अक्तधक ऊजाा खचा होती है जो जल्दी थकान का कारण बनती है। 5. काम के लम्बे घंटे (Long working hours) एक समय से अक्तधक काया करने से प्रक्तत घंटा काया क्षमता में कमी आ सकती है। 6. किप्रेशन (Depression) आजकल की क्तजंदगी में क्तडप्रेशन क्तकसी को भी हो सकता है और येथकान का कारणहो सकता है। 7. शारीररक कमजोरी(Physical weakness) शारीररक कमजोरी से भी थकान जल्दी होती है।
िॉक्टर कैसे पहचानेंगे थकान का कारण How doctors diagnose fatigue व्यक्ति के बताए गए लक्षणों द्वारा डाॅ क्टर ये तय करता है क्तक उसके कौन से टेस्ट क्तकए जाने है। थकान की पहचान करने के कलए ककए जाने वाले कुछ मुख्य टेस्ट नीचे कदए गए हैं :- 1. साइकोकिकजकल परीक्षण (Psychophysical tests) इनके अंतगात साइकोक्तिजीकल (Psychophysical) बदलावों की स्टडी (study) की जाती है। इसमें शरीर में उत्पन्न होने वाले कंपनो और बेचैनी की तीव्रता को मापा (measurement) जाता है। इसके द्वारा थकान के समय व्यक्ति की हाटा बीट, ऑक्सीजन की मात्रा तथा कई क्तस्कन संबंधी संवेदनाओं का टेस्ट क्तकया जाता है। 2. रासायकनक परीक्षण (Chemical test) इन परीक्षणों द्वारा ब्लड (blood), मल-मूत्र ,लार (saliva) आक्तद का इन्वेस्टीगेशन(investigation) क्तकया जाता है। अलग-अलग कैक्तमकल्स (Chemicals) द्वारा उनकी जांच की जाती है। कम्पलीट ब्लड काउंट (Complete blood count -CBC), इलेक्रोलाइट्स (Electrolytes), ग्लूकोज (glucose), क्तवटाक्तमन B-12, थाइरोइड (thyroid) आक्तद की मात्रा के आधार परव्यकि के शरीर की थकावटया तरोताजगी को आसानी से पहचाना जा सकता है।
थकानसे बचाव Prevention of fatigue काम की भागदौड़ में थोड़ी बहुत थकान होना जायज है मगर मगर थकान इतनी बढ़ जाये क्तक सामान्य कामों को करने में भी कक्तिनाई महसूस हो तो इससे बचाव जरूरी हो जाता है। तो आइए ऐसे ही कुछ आसान से तरीकों के बारे में जानते हैं कजनको अपनाकर आप थकान को कम कर सकते है :- 1. पुरानी बीमारी का इलाज (Treatment of existing desease) कई बार पहले से शरीर में कुछ बीमाररयां होती जैसे क्तक थाइरोइड (thyroid), डायक्तबटीज (diabetes), आथाराइक्तटस (arthritis) याकवटाकमन की कमी। ये थकान का कारण बनती है। अगर इन क्तबमाररयों का इलाज हो गया तो थकान अपने आप ही चली जाएगी।
2. पयायप्त नींद ले (Take enough sleep) थकान का एक मुख्य कारण नींद में कमी भी है। अगर पयााप्त नींद ना क्तमले तो क्तदन भर शरीर मे थकान रहती है। इसक्तलए अगर भरपूर नींद (लगभग 7-8घंटे) ली जाये तो थकान की समस्यामें बहुत आराम क्तमलता है। 3. चलते किरते रहें (Keep moving) कई बार एक ही मुिा में बैिे बैिे ऑक्तिस का या कोई अन्य काम करने से शरीर के सभी अंगों में रि संचार (blood circulation) सही से नहीं हो पाता है। इस वजह से थकान होने लगती है। इसक्तलए बीच बीच में काम से ्ेक लेकर अपने शरीर की थोड़ी स्रेक्तचंग (stretching) करें और घूमते क्तिरते रहें ताक्तक शरीर मे सुस्ती ना आये। 4. योग और व्यायाम करें (Do Yoga and exercise) सुबह सुबह उठकर अगर एक घंटा अपने तन और मन को समकपयत ककया जाए शरीर से ना केवल सुस्ती या थकान दूर होती है बककक अन्य कई बीमाररयां भी दूर रहती है इसकलए योग और व्यायाम को अपनी कदनचयाय में शाकमल करें औरथकान व सुस्ती को गुिबाय (good bye) कहें
5. पौकिक भोजन खायें (Eat nutritious food) हमारे शरीर को क्तकसी भी काम को करने के क्तलए ऊजाा की जरूरत होती है। वो ऊजाा हमें भोजन के द्वारा क्तमलती है। भोजन में सभी आवकयक प्रोटीन, क्तवटाक्तमन होने चाक्तहए, ताक्तक शरीर की सभी जरूरते पूरी हो सके। अगर पौक्तिक भोजन ना क्तमले तो ऊजाा की कमी के कारण थकान होने लगती है। इसक्तलए ऐसे िल-सक्तब्जयों का सेवन करें जो इन सब जरूरतों को पूरा कर सके। 6. खूब सारा पानी कपंए (Take plenty of water) हमारे शरीर का 70% भाग पानी का बना होता है। इसक्तलए शरीर के क्तलए सबसे जरूरी चीज पानी है। शरीर में पानी की कमी होने से कई नए रोग जन्म ले लेते हैं और एनजी (energy) कम होने लगती है। इस वजह से शरीर थका हुआ सा महसूस होता है। इसक्तलए क्तदन में कम से कम 10-12क्तगलास पानी अवकय क्तपये और अपने शरीर को तरोताजा रखें।
सारांश थकान हर व्यक्ति के जीवन का एक साधारण क्तहस्सा है। कोई भी ऐसा व्यक्ति नहीं क्तजसे थकान न होती हो। बढ़ती उम्र के साथ हमे अपने शरीर का खास ध्यान रखने की जरूरत होती है। अगर तन और मन दोनों स्वस्थ होंगे तो बुढ़ापे तक भी थकान की क्तशकायत नहीं होगी। हम सभी को थकान के लक्षणों और उसके बचाव पर हमेशा ध्यान देना चाक्तहए। अगर व्यायाम करने से भी थकान से बचावन हो पाए तो डाॅ क्टर की सलाह अवशय लें।